मेल मीनोपॉज

पुरुषों में, 55 वर्ष की आयु तक, खून में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा कम हो जाती है पुरुष भी अपने अंदर हार्मोनल बदलाव महसूस करते है जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ती जाती है होर्मोनेस का स्तर गिरता चला जाता है जिसे विरोपोज और एंड्रोपॉज कहते है इसमें मीनोपोज के जैसे ही लक्षण आते है।

टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी के कारण होता है। इनमें से कुछ लक्षण नपुंसकता, अवसाद, थकान, गर्म चमक, मूड के झूलों, मांसपेशियों की हानि या द्रव्यमान, हड्डियों के द्रव्यमान की हानि, और मांसपेशियों या द्रव्यमान का नुकसान शामिल हैं इन लक्षणों में से कोई भी तनाव पैदा कर सकता है और खुद से परेशान हो सकता है।

एंड्रोपोज-कारण

एण्ड्रोजन की कमी के ज्ञात कारण और लक्षण निम्न हैं :

- एंटीडिप्रेसेंट दवाएं
- शराब
- विकिरण और रसायनों के लिए एक्सपोजर
- गंभीर बीमारी
- पिट्यूटरी ग्रंथि में परिवर्तन
- रक्त में बहुत अधिक लोहे
- तनाव

या फिर एक दूसरी समस्या भी है हॉर्मोन की कमी के कारण पुरुष वक्त से पहले ही बड़े दिखने लगते है इन सब में होम्योपैथी का एक बहुत अच्छा रोल है होम्योपैथी जड़ से ठीक करती है हॉर्मोन के संतुलन को बना कर आपको स्वस्थ करती है।

ल्य्कोपोडियम-जब शारीरिक तोर पर कमज़ोरी महसूस हो, सेक्स की इक्छा कम हो गैस बनती हो। एग्नस केस्टस-वक्त से पहले बड़े दिखने लगे तो एग्नस बहुत अच्छा कम करती है। अन्य दवाएं कैलेडियम, ग्रेफिट्स आदि दवाए लक्षणों के आधार पर बहुत अच्छा कम करती है।